रूस के हमले के बाद यूक्रेन द्वारा महाभारत का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की अपील करने के बाद पीएम मोदी आज रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हर्ष सिंगला ने इसकी जानकारी दी है।

रूस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)

हमले की गंभीरता और रूस के आक्रामक रूप को देखकर यूक्रेन ने पीएम नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया है। इसके लिए उसने महाभारत और चाणक्य तक का जिक्र किया। यूक्रेन के राजदूत ने कहा, “मुझे नहीं पता कि दुनिया के कितने नेताओं को पुतिन गंभीरता से लेते हैं, लेकिन मोदी जी का कद अलग है। उनकी बात पुतिन को सुननी चाहिए। हम भारत सरकार के इस कदम की उम्मीद लगाए बैठे हैं।”

दिल्ली में यूक्रेन के राजदूत डॉ इगर पोलिखा (Dr Igor Polikha) ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतिन से गहरी दोस्ती है। वह स्थिति को और बिगड़ने से बचाने में अहम रोल निभा सकते हैं। यूक्रेन के राजदूत पोलिखा ने कहा, “पीएम मोदी से हमारी अपील है कि वे रूस के राष्ट्रपति पुतिन और हमारे राष्ट्रपति जेनेंस्की के बीच बात तुरंत करवाएँ।”

पोलिखा ने कहा, “महाभारत को याद कीजिए। महाभारत के युद्ध से पहले भी शांति की कोशिशें हुई थीं। दुर्भाग्य से महाभारत में वह कोशिश सफल नहीं हो सकी थीं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस मामले में भारत की कोशिश सफल रहेगी।”

उन्होंने कहा, “हमारे लिए भारत स्पेशल है। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनना चाहता है। भारत दुनिया में काफी प्रभावशाली देश है। मैंने आपका इतिहास पढ़ा है। यहाँ चाणक्य 2400 साल पहले हुए। जब यूरोप में कोई सभ्यता नहीं थी, यहाँ भारत में कई विद्वान हुए।”

बता दें कि इस मामले में भारत तटस्थ रहा है। उसने ना ही रूस का पक्ष लिया और ना ही यूक्रेन का। यहाँ यह भी बताना जरूरी है कि 1998 में भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण पर यूक्रेन ने भारत की तीखी आलोचना की थी और संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रस्ताव लाया था।