भारत की मॉडर्न महिलाओं को सिंगल रहना पसंद, बच्चे पैदा करना नहीं चाहतीं: मंत्री का दावा
आधुनिक भारत की महिलाएँ अकेले रहना पसंद कर रही हैं और बच्चों को जन्म देने में उनती रुचि नहीं है। ये महिलाएँ सरोगेसी से बच्चे पैदा करना चाहती हैं। यह दावा कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने किया है। डॉ. सुधाकर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, “आज मुझे यह कहते हुए खेद हो रहा है कि आज भारत में ज्यादातर आधुनिक महिलाएँ अविवाहित रहना चाहती हैं। अगर उनकी शादी भी हो जाती है तो वो बच्चे को जन्म देना नहीं चाहती। सरोगेसी (किराये के कोख) के जरिये वे बच्चे चाहती हैं।” उन्होंने कहा कि हमारी सोच में इस तरह का बदलाव आना ठीक नहीं है। उन्होंने इसे पश्चिमी प्रभाव पर असर बताया।
#WATCH | …Today we don’t want our parents to live with us. A lot of modern women in India want to stay single. Even if they get married, don’t want to give birth. Paradigm shift in our thinking,it’s not good: Karnataka Health Min on World Mental Health Day,at NIMHANS, Bengaluru pic.twitter.com/LkX7Ab7Sks
— ANI (@ANI) October 10, 2021
मानसिक स्वास्थ्य के बारे में उन्होंने कहा कि हर सातवां भारतीय किसी न किसी मानसिक समस्या से पीड़ित है। यह समस्या हल्की, मध्यम या गंभीर हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तनाव को दूर रखना एक कला है और भारतीयों को इसके बारे में सीखने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि दुनिया को यह बताने की है कि इसे कैसे किया जाए।
मंत्री ने कहा, ‘‘…योग, ध्यान, प्राणायाम शानदार माध्यम हैं, जिसकी शिक्षा हमारे पूर्वजों ने हजारों साल पहले विश्व को दी।’’ कोविड-19 मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सुधाकर ने कहा कि सगे-संबंधी अपने प्रियजन के शव को नहीं स्पर्श कर सकें, जिसके चलते उन्हें मानसिक पीड़ा हुई।