आज देश दुनिया में ऐप्पल, गूगल जैसी ना जाने कितनी बड़ी-बड़ी कंपनियाँ हैं, जिनमें काम करने का सपना लगभग हर व्यक्ति पालता है। लेकिन, काम करने के सपने के साथ-साथ जो प्रतिष्ठा भारत की कंपनी टाटा और बिड़ला ने कमाई है, वो किसी कंपनी या आधुनिक जगत के दानदाता ने नहीं कमाई है।

विश्व की बड़ी रिसर्च कंपनी हुरुन रिपोर्ट और एडेलगिव फाउंडेशन ने मिलकर विश्व के सबसे बड़े 50 दानवीरों की सूची जारी की है। इस सूची में पिछले 100 वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े दानवीर को चुना गया है। आप जानकार सुखद आश्चर्य होगा कि इन 100 वर्षों में भारतीय उद्योग जगत के पितामह और टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा से बड़ा दानवीर आज तक कोई नहीं हुआ है।

वॉरेन बफे, जोफ बेजोस या बिल गेट्स बेशक दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार हैं, लेकिन ये जमशेद जी टाटा द्वारा स्थापित टाटा समूह ने सबसे ज्यादा 102 अरब डॉलर (करीब 75 खरब 70 अरब 53 करोड़ 18 लाख रुपये) का दान दिया है। जमशेद द्वारा स्थापित कंपनी टाटा नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाती है।

जमशेदजी ने अपनी दो तिहाई संपत्ति ट्रस्ट को दे दी थी, जो शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में आज भी काम कर रहा है। उन्होंने 1892 से ही दान देना शुरू कर दिया था। इस सूची में एकमात्र दूसरे भारतीय उद्योगपति अजीम प्रेमजी हैं, जिन्होंने करीब 22 अरब डॉलर की अपनी पूरी संपत्ति दान कर दी है। 

अमेरिकी और यूरोपीय दानदाता पिछली शताब्दी में बेशक परोपकार की सोच में आगे रहे हों, लेकिन टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी दुनिया के सबसे बड़े दानवीर हैं। आज के अरबपति जिस हिसाब से कमाई करते हैं, उस हिसाब से दान नहीं देते।
                – रुपर्ट हूगवर्फ, हुरुन के चेयरमैन और मुख्य शोधकर्ता

सूची में दूसरे नंबर पर हैं बिल गेट्स और उनकी तलाकशुदा पत्नी मिलिंडा गेट्स। इस दंपति ने 74.6 अरब डॉलर का दान दिया है। वहीं, वारेन बफे 37.4 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। जॉर्ज सॉरस 34.6 अरब डॉलर के साथ चौथे और जॉन डी रॉकफेलर 26.8 अरब डॉलर के साथ सूची में पांचवें नंबर पर हैं।

अगर संख्या के लिहाज से बात करें तो दानवीरों की सूची में सबसे अधिक 39 लोग अमेरिका के हैं। दूसरे नंबर पर ब्रिटेन है, जिसके 5 लोगों को इस सूची में स्थान दिया गया है। वहीं, इसमें चीन के तीन लोग शामिल हैं। सूची में शामिल सबसे बड़े दानवीरों में शुमार 37 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि केवल 13 लोग जीवित हैं। 

पिछले 100 सालों में इन 50 लोगों ने कुल 832 अरब डॉलर का दान दिया। इसमें 503 अरब डॉलर संस्थागत दान और 329 अरब डॉलर निजी चंदे व्यक्तिगत दान से आया है। फाउंडेशन की ओर से कहा गया है कि 50 लोगों की सूची में अल्फ्रेड नोबेल का नाम नहीं है। हालांकि कुछ ऐसे लोगों के नाम हैं, जो आश्चर्यजनक नहीं हैं।