पुनर्जन्म में 27% भारतीय मुसलमानों का विश्वास: प्यू रिसर्च में खुलासा
भारत के हिंदू ही नहीं बल्कि मुसलमान भी आपसी रिश्तों को खराब के लिए भारत के बंटवारे को जिम्मेदार मानते हैं। अंतर्राष्ट्रीय शोध एजेंसी प्यू (Pew) रिसर्च के अनुसार, 48% मुस्लिम हिंदू-मुस्लिम के बीच साम्प्रदायिक रिश्तों के लिए देश के बंटवारे को जिम्मेदार मानते हैं।
यही नहीं, सर्वे में यह सामने आया है कि भारत के हिंदू तो पुनर्जन्म में विश्वास करते ही हैं, लेकिन इस्लाम की बुनियाद के विपरीत भारत के 27 प्रतिशत मुसलमान भी पुनर्जन्म में यकीन रखते हैं।
भारत के 30 हजारों लोगों पर किए गए सर्वे के आंकड़े को जारी करते हुए प्यू रिसर्च ने बताया कि अधिकांश भारतीय दूसरी जाति और दूसरे धर्म में शादी के खिलाफ हैं। 80% मुस्लिमों का मानना है कि महिलाओं को किसी दूसरे धर्म में शादी से रोकना जरूरी है। वहीं, 77% हिंदू कर्म और 73% भाग्य पर भरोसा करते हैं।
हालांकि, सर्वे में यह भी सामने आया कि 89% हिंदुओं ने उन्हें अपने धर्म का पालन करने की आजादी है, जबकि पांच में से सिर्फ एक मुस्लिम या हिंदू ने अपने साथ धार्मिक भेदभाव की शिकायत की है।
सर्वे के अनुसार, अधिकांश भारतीय चाहते हैं कि उनका पड़ोसी उनके ही धर्म का हो। इनमें 61% के साथ जैन समुदाय सबसे आगे हैं। वहीं, 55% हिंदू भी अपना पड़ोसी किसी हिंदू को ही चाहते हैं।
प्यू रिसर्च के अनुसार, 17% हिंदुओं के इष्ट भगवान राम हैं, जबकि 32% के इष्ट हनुमान हैं। भारत में हिंदुओं के बीच शिव सबसे लोकप्रिय देवता हैं। करीब 45% हिंदू भगवान शिव को इष्ट देव मानते हैं।