इस साल के वैश्विक भुखमरी सूचकांक (जीएचआई) में भारत को 116 देशों में 101वां स्थान मिला है। पिछले साल भारत 107 देशों में 94वें स्थान पर था। इस वर्ष की रैंकिंग में भारत से बेहतर प्रदर्शन पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल ने किया है। 

इस रिपोर्ट को आयरलैंड की एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी का संगठन वेल्ट हंगर हिल्फ ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इस रिपोर्ट में भारत में भूख के स्तर को ‘चिंताजनक’ बताया गया है। 

 

बतौर अनुसार, पड़ोसी देश नेपाल (76), बांग्लादेश (76), म्यांमार (71) और पाकिस्तान (92) में भी भुखमरी की स्थिति चिंताजनक हैं, लेकिन भारत की तुलना में ये देश अपने नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराने में बेहतर प्रदर्शन किया।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में चाइल्ड वेस्टिंग की दर 1998 और 2002 के बीच 17.1 प्रतिशत से बढ़कर 2016 और 2020 के बीच 17.3 प्रतिशत हो गई है। हालाँकि, रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने अन्य पैरामीटर में सुधार दिखाया है, जिनमें बाल मृत्यु दर, बाल स्टंटिंग की व्यापकता और अपर्याप्त भोजन के कारण अल्पपोषण की व्यापकता शामिल हैं।

वहीं, रिपोर्ट में चीन, ब्राजील और कुवैत सहित 18 देशों ने 5 से कम के जीएचआई स्कोर के साथ टॉप स्थान पर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी दुनिया में भूख के खिलाफ लड़ाई खतरनाक तरीके से विचलित हो रही है। अनुमान के अनुसार, दुनिया और खासकर 47 देशों की स्थिति 2030 तक चिंताजनक हो जाएगी।