उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनाथ, बेसहारा, विधवा, विद्ध, दिव्यांग और कुष्ठ रोगियों के लिए आगे आए हैं। उन्होंने इन लोगों की सामाजिक सुरक्षा के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, दिव्यांगों के लिए स्वरोजगार एवं कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार मेला, कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजन के लिए सहायता, दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना, महिला एवं बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना आदि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाली भाजपा सरकार की इस पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को सहारा मिलेगा और उन्हें दूसरों पर आश्रित नहीं रहना होगा। भारत में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में किसी प्रदेश द्वारा किया जाने वाला यह बड़ा कदम उभरकर सामने आया है। संवेदनशील शासन और सामाजिक सुरक्षा की सोच के साथ शुरू की गईं ये योजनाएँ बेसहारा लोगों को जीने का सहारा देंगी। 

बेसहारा बच्चों को सहायता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत उन बेसहारा बच्चों को सहायता मिलेगी, जिन्होंने अपने माता-पिता या इनमें से किसी एक को खो दिया और असहाय परिस्थितियों में रह रहे हैं। ऐसे बच्चों को योगी सरकार आर्थिक मदद देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो।

इस योजना के माध्यम से बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। इन बेसहारा छात्र-छात्राओं को, जिन्होंने कक्षा 12 के बाद स्नातक या किसी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह सहायता 23 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पाठ्यक्रम समाप्त होने तक, जो पहले हो, जारी रहती है। इस समय प्रदेश के 1,09,539 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। 

दिव्यांगों के लिए पेंशन  

बेसहारा बच्चों की तरह ही योगी सरकार ने दिव्यांगों के कल्याण के लिए भी कई कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश के लाखों दिव्यांगों को भरण-पोषण अनुदान/पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है, ताकि उनका जीवन आसान बन सके। पेंशन मिलने से दिव्यांगों को अपनी दवा, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है।  

बाराबंकी की रहने वाली आशा और उनके पति हरिलाल कहना है कि पेंशन से उनके घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। हरिलाल की पत्नी आशा एक हाथ से दिव्यांग हैं, जबकि हरिलाल खुद सांस की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे अनेकों लाभार्थी हैं, जिन्होंने सहयोग के लिए योगी सरकार का आभार व्यक्त किया है।

उत्तर प्रदेश में  वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 12 लाख से अधिक दिव्यांगों को आर्थिक सहायता दी गई है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेज दी जाती है। 

कुष्ठ रोगियों को सहायता

योगी सरकार ने बेसहारा बच्चों के साथ-साथ कुष्ठ रोग से दिव्यांग हुए लोगों के लिए भी पेंशन की व्यवस्था की है। कुष्ठ रोग से प्रभावित होकर दिव्यांग बने लोगों को कुष्ठावस्था पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। साल 2026-27 की पहली तिमाही में 13,734 पात्र लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन योजना का लाभ दे दिया गया है। 

कुष्ठावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजन एवं कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनके परिवार की आय उनके भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

दिव्यांगों को रोजगार एवं कौशल विकास

दिव्यांगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार प्रदेश भर में ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ का आयोजन कर रही है। यह आयोजन 3 से 10 अगस्त 2026 तक होगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस विशेष पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांग युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा। वहीं एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण व वित्तीय सहायता में सहयोग करेगा।

महिलाओं और बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोत्तरी

योगी सरकार ने राज्य के 1 करोड़ 18 लाख से ज्यादा पेंशन लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। इनमें वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को शामिल किया गया है। सरकार ने इनकी वर्तमान पेंशन राशि में 500 रुपया प्रतिमाह बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया है। पेंशन की राशि अब 1,000 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 फरवरी, 2026 को विधानसभा में कहा था- वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार है। इसलिए उन्हें ₹1500 हर महीने पेंशन मिलनी चाहिए। इसके लिए 4 अगस्त से शुरू हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 20,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेंगे।

बता दें कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा की सरकार में विधवा, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन हर महीने 300 रुपये दी जाती थी। हालाँकि, योगी सरकार ने इसमें व्यापक बदलाव किए। योगी सरकार  इस पेंशन को 3 गुना से ज्यादा बढ़ा चुकी है। नई बढ़त के साथ यह बढोत्तरी 5 गुना हो जाएगी।

शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा

योगी सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों का भी पूरा ख्याल रखा है। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को बुलेट की रफ्तार से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके लिए जिला स्तर पर केवाईसी कराई जा रही है।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में 22 दिनों में 5.23 लाख से अधिक शिक्षक और कार्मिकों का ई-केवाईसी पूरा किया गया है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग में शुरुआत के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47% लाभार्थियों का ई-केवाईसी हो गया। इस तरह तीनों शिक्षा विभागों के 12.89 लाख पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है।

तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।