संस्कृत टीचर छात्रों में फैलाता था जातीय गुटबाजी, करता था अश्लील हरकत: ग्रामीणों ने स्कूल घेरा
राजस्थान के राजसमंद के एक सरकारी स्कूल के संस्कृत के टीचर नरेंद्र कुमार त्रिपाठी पर बच्चों ने जातीय गुटबाजी के लिए उकसाने और तंत्र-मंत्र कर डराने तथा अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। त्रिपाठी के इस हरकत पर छात्रों के परिजन भड़क गए और गुरुवार (18 अगस्त 2022) को स्कूल का घेराव कर दिया।
नरेंद्र त्रिपाठी राजसमन्द जिले की नाथद्वारा तहसील के अंतर्गत आने वाले उथनोल गाँव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में संस्कृत का टीचर है। त्रिपाठी छात्रों के साथ गलत भाषा का इस्तेमाल करता था और गलत हरकत करता था। छात्रों ने इसकी शिकायत अपने परिजनों से की।
इसके बाद परिजन भडक गए और बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र स्कूल के बाहर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। छात्रों के परिजनों ने त्रिपाठी को स्कूल से तुरंत हटाने की माँग की। बढ़ते बवाल को देखते हुए शिक्षक को खमनोर भेज दिया गया है।
टीचर 6 साल से उथनोल गाँव के स्कूल में पोस्टेड था। 24 जुलाई को अध्यापक को हटाने की माँग करते हुए राजसमंद के जिला शिक्षा अधिकारी और उदयपुर शिक्षा विभाग को पत्र दिया गया था। पत्र मिलने के बाद शिक्षक की जाँच करने के लिए स्कूल में जाँच अधिकारियों की टीम भी आई, लेकिन शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कुछ दिन पहले संस्कृत शिक्षक ने वही हरकतें दोहरानी शुरू कर दी। उस पर स्कूल में नशा करके आने का भी छात्रों ने आरोप लगाया। छात्रों के माता-पिता को जब इसकी जानकारी मिली तो उनका गुस्सा फुट पड़ा और स्कूल का घेराव कर दिया।
उथनोल के पूर्व सरपंच पुष्कर लाल जाट ने बताया कि शिक्षक बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करता था। वह बच्चों को डराने-धमकाने के साथ-साथ उनमें जातिगत गुटबाजी करवाता था। वह लड़कों को बताता था कि तुम ब्राह्मण हो, तुम जाट हो, तुम SC-ST हो, तुम राजपूत हो। इसके अलावा, वह बच्चों को तंत्र विद्या से भी डराता था। उन्होंने बताया कि कई बच्चों ने और कई आरोप लगाए हैं।
बता दें कि इस स्कूल में करीब 500 बच्चे पढ़ते हैं। हंगामे की आशंका को देखते हुए आरोपित शिक्षक पहले ही गायब हो गया। वह पहले भी स्कूल से गायब रहता था।